फूलगोभी का उपयोग, फायदा एवं फूलगोभी की खेती

फूलगोभी अपने स्वाद और स्वास्थ्य गुणों के कारण पूरी दुनिया में मशहूर है। फूलगोभी तीन प्रकार की होती है, फूलगोभी, बंदगोभी या पत्तागोभी। लेकिन यहां हम बात कर रहे हैं फूलगोभी की। फूलगोभी का उपयोग #सब्जी बनाने से लेकर #परांठे और #पकौड़े बनाने तक किया जाता है। इसके अलावा भी कई ऐसे व्यंजन हैं जिनमें फूलगोभी का उपयोग किया जाता है।  फूलगोभी खाने से शरीर को ऊर्जा मिलती है।

फूलगोभी पाये जाने वाले खनिज ( Minerals Found in Cauliflower )

फूलगोभी में एस्कॉर्बिक एसिड ( Ascorbic Acid ), एंटी-ऑक्सीडेंट ( Antioxidant ), विटामिन ( Vitamin ) B, और आवश्यक खनिज होते हैं, जो शरीर के लिए काफी फायदेमंद माने जाते हैं। फूलगोभी में फाइबर ( Fiber ) के गुण भी भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं, जो पाचन के लिए फायदेमंद माने जाते हैं।

फूलगोभी के स्वास्थ्यवर्धक फायदे ( Health Benefits Of Cauliflower )

  1. फूलगोभी में ऐसे पोषक तत्त्व पाए जाते हैं जो की  शरीर में होने वाले हृदय रोगों के लक्षणों को रोकने या कम करने में सहयोग देती है। 
  2. फूलगोभी खाने से कैंसर जैसी बीमारी से बचाव होता है।
  3. फूल गोभी हड्डियों को मजबूत बनाने में मदद कर सकती है, विटामिन के हड्डियों को होने वाले नुकसान से बचाने में मददगार माना जाता है।
  4. फूल गोभी के सेवन से कोलेस्ट्रॉल के स्तर को नियंत्रित रखता है
  5. फूलगोभी खाने से पाचन तंत्र मजबूत होता है।
  6. फूलगोभी का सेवन करने से आंखों को फायदा होता है।

फूलगोभी की खेती ( Cauliflower Cultivation )

फूलगोभी एक ठंडी जलवायु का पौधा है। रबी के मौसम में इसकी खेती करना सबसे अच्छा होता है। फूलगोभी की खेती सितम्बर से अक्टूबर तक की जाती है। फूलगोभी की फसल विशेष रूप से अविकसित फूलों के गुच्छों के रूप में उगाई जाती है। फूलगोभी आमतौर पर सफेद रंग में पाई जाती है, लेकिन अब कई उन्नत किस्में उगाई जा रही हैं, जिनमें नारंगी और बैंगनी रंग की फूलगोभी भी पैदा की जा रही है। फूलगोभी मुख्य रूप से एक सब्जी के रूप में प्रयोग की जाती है, यह गुजरात, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु और कर्नाटक राज्यों में सबसे ज्यादा उगाई जाती है। मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और पंजाब जैसे अन्य राज्यों में भी इसे बहुत महत्वपूर्ण फसल माना जाता है।

1. फूलगोभी की खेती के लिए जलवायु और मिट्टी ( Climate and Soil for Cauliflower Cultivation )

फूलगोभी की अच्छी फसल के लिए बलुई दोमट मिट्टी की आवश्यकता होती है। इसके अलावा भूमि भी अच्छी जल निकासी वाली होनी चाहिए, जिसमें जलजमाव की समस्या न हो और अच्छी जीवाश्म मिट्टी हो। इसकी खेती में भूमि का पी एच मान 5.5 और 6.8 के बीच होना चाहिए। फूलगोभी की खेती के लिए ठंडी जलवायु की आवश्यकता होती है। इसे ठंडी जलवायु और नम जलवायु में भी आसानी से उगाया जा सकता है।

2. फूलगोभी की खेती के लिए खेत की तैयारी ( Field preparation

for Cauliflower Cultivation )

फूलगोभी की अच्छी उपज प्राप्त करने के लिए इसके पौधे लगाने से पहले खेत को अच्छी तरह से तैयार कर लेना चाहिए और अच्छी मात्रा में उर्वरक देना चाहिए। इसके लिए पहले खेत की गहरी जुताई कर लेनी चाहिए, जिससे पुरानी फसल के अवशेष पूरी तरह नष्ट हो जाएंगे। इसके बाद कुछ देर के लिए खेत को ऐसे ही खुला छोड़ देना चाहिए, जिससे खेत की मिट्टी को अच्छी तरह धूप मिले। इसके बाद  गोबर की खाद खेत में प्रति हेक्टेयर रोटावेटर से जोताई करनी चाहिए।

इससे गोबर खेत की मिट्टी में अच्छी तरह मिल जाएगा। खाद को मिट्टी में मिलाने के बाद उसमें पानी डालना चाहिए। पानी देने के बाद खेत को वैसे ही छोड़ देना चाहिए। इसके बाद जब खेत की मिट्टी ऊपर से सूखी नजर आने लगे तो एक बार फिर से जुताई कर दें, जिससे खेत की मिट्टी भुरभुरी हो जाती है। इसके बाद खेत में पाटा लगाकर खेत को समतल कर दे।

3. फूलगोभी की खेती के लिए गर्म जलवायु ( Hot climate

for Cauliflower Cultivation )

इसकी खेती के लिए गर्म जलवायु उपयुक्त नहीं मानी जाती है, क्योंकि गर्म जलवायु में इसके फूलों की गुणवत्ता अच्छी नहीं होती है। फूलगोभी के फूलों और पौधों को अच्छी तरह विकसित होने के लिए 15 से 18 डिग्री तापमान की आवश्यकता होती है, लेकिन उच्च तापमान में वृद्धि के कारण फूल अच्छी तरह से विकसित नहीं हो पाते हैं, जिसका असर उपज पर भी पड़ता है।

4. फूलगोभी की उन्नत किस्में ( Cauliflower Varieties )

यदि आप फूलगोभी की अच्छी उपज प्राप्त करना चाहते हैं तो अच्छी गुणवत्ता वाले बीजों का प्रयोग करें। इसके लिए आपको बता दें कि फूलगोभी की अच्छी उन्नत किस्में पूसा दीपाली, अर्ली वर्जिन, स्नोबॉल 16, पूसा स्नोबॉल-1, पूसा शुभ्रा, पूसा हिम ज्योति आदि हैं।

5. फूलगोभी के पौधों सिंचाई ( Watering Cauliflower Plants )

फूलगोभी की पहली हल्की सिंचाई रोपाई के तुरंत बाद करनी चाहिए। इसके बाद 15 दिनों के अंतराल पर सिंचाई करते रहना चाहिए। इसके अलावा आवश्यकतानुसार सिंचाई करनी चाहिए।

फूल गोभी के उत्पादक राज्य ( Cauliflower Producing States )

फूल गोभी भारत वर्ष की शीतकालीन गोभी वर्गीय सब्जियों में से एक प्रमुख सब्जी है। इसकी सफल खेती के लिए ठड़ी एवं आर्द्र जलवायु सर्वोत्तम होती है। अच्छी फसल के लिए 15 से 20 डिग्री तापमान उत्तम होता है। उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान, बिहार, गुजरात, महाराष्ट्र, ओडिशा, छत्तीसगढ़, पंजाब और कर्नाटक को मिलाकार सभी राज्यों में की जाती है, लेकिन मुख्य राज्य बिहार, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, उड़ीसा, असम, मध्य प्रदेश, गुजरात और हरियाणा हैं। 2020-2021 में वेस्ट वंगल ने सबसे ज्यादा उत्पादन था।

फूलगोभी की खेती में लागत और कमाई ( Cost and Earnings in Cauliflower Cultivation )

फूलगोभी के पौधे किस्म के आधार पर लगभग 60 से 80 दिनों में उत्पादन के लिए तैयार हो जाते हैं। इसके फूल तब तोड़ना चाहिए जब इसके फल ठोस और आकर्षक दिखने लगें। फूलगोभी प्रति हेक्टेयर लगभग 200 क्विंटल उपज देती है। जिसका बाजार भाव 10 से 15 रुपये प्रति किलो के बीच है, जिसके अनुसार फूलगोभी की एक हेक्टेयर फसल से किसान भाई आसानी से करीब 1.5 से 2 लाख रुपये कमा सकते है।

आप शबला सेवा की मदद कैसे ले सकते हैं? ( How Can You Take Help of Shabla Seva? )

  1. आप हमारी विशेषज्ञ टीम से खेती के बारे में सभी प्रकार की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
  2. हमारे संस्थान के माध्यम से आप बोने के लिए उन्नत किस्म के बीज प्राप्त कर सकते हैं।
  3. आप हमसे टेलीफोन या सोशल मीडिया के माध्यम से भी जानकारी और सुझाव ले सकते हैं।
  4. फसल को कब और कितनी मात्रा में खाद, पानी देना चाहिए, इसकी भी जानकारी ले सकते हैं।
  5. बुवाई से लेकर कटाई तक, किसी भी प्रकार की समस्या उत्पन्न होने पर आप हमारी मदद ले सकते हैं।
  6. फसल कटने के बाद आप फसल को बाजार में बेचने में भी हमारी मदद ले सकते हैं।
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