गुलाब का उपयोग, फायदा एवं गुलाब की खेती

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गुलाब के पौधे पूरे भारत में पाए जाते हैं। गुलाब का वैज्ञानिक नाम रोजा हाइब्रिडा है। देशी गुलाब का रंग लाल होता है। लेकिन कई रंगों के गुलाब ग्राफ्टिंग से उगाए जाते हैं। गुलाब एक ऐसा फूल है, जिसके बारे में सभी जानते हैं। गुलाब का फूल दिखने में जितना खूबसूरत होता है, उतना ही इसमें औषधीय गुण होते हैं। गुलाब को फूलों का राजा कहा जाता है क्याेंकि गुलाब सबसे सुंदर और अलग-अलग रंगों में पाया जाने वाला फूल हैं। इसके विभिन्न प्रकार के सुंदर फूल जो आकर्षक, आकार, विभिन्न आकार, मनमोहक रंग हैं और उनकी विभिन्न उपयोगिताओं के कारण एक महत्वपूर्ण फूल माने जाते हैं। गुलाब बहुवर्षीय, झाड़ीदार, कंटीला, पुष्पीय सुगंधित पौधा होता है। बगीचों, खेतों, सरकारी और निजी भवनों के प्रांगणों में, यहां तक कि घरों के बगीचों के और गमलों में भी गुलाब उगाकर इसका लुत्फ उठाया जाता है। 

गुलाब के फूल में पाए जाने वाले पोषक तत्व ( Nutrients Found in Rose )

गुलाब में विटामिन ( Vitamin ) C, विटामिन A, सोडियम ( Sodium ), कैल्शियम ( Calcium ), आयरन ( Iron ), फाइबर ( Fiber ), कार्बोहाइड्रेट ( Carbohydrate ), कैलोरी ( Calorie ), शुगर ( Sugar ) पाया जाता है।

गुलाब के फूल के स्वास्थ्यवर्धक लाभ ( Health Benefits of Rose Flower )

  1. गुलाब के फूल वजन घटाने के लिए बेहद कारगर साबित होता है। 
  2. अगर आप बहुत जल्द थकान महसूस करने लगते हैं तो गुलाब के फलों का इस्तेमाल करें।
  3. गर्मियों के मौसम में लू से बचने के लिए गुलाब के फूल काफी लाभकारी होते हैं। 
  4. गुलाब पंखुड़ियों में एंटीबैक्टीरियल गुण होते हैं मुंहासे सूखने में मदद करता है। 
  5. चेचक के उपचार में भी गुलाब के फूल का उपयोग किया जाता है।
  6. चोट के कारण होने वाले रक्तस्राव को रोकने में गुलाब का तेल कारगर होता है।
  7. गुलाब के फूल को चबाने से मसूड़े मजबूत होते हैं। मसूढ़ों से खून और सांसों की दुर्गंध भी दूर होती है।
  8. 10 ग्राम गुलाब की पंखुड़ियां 2 इलायची के साथ चबाने से सिर दर्द दूर होता है।
  9. गुलाब का रस पीने से कब्ज दूर होती है, और यह आंतों में जमे हुए मल को बाहर निकालने में भी मदद करता है।
  10. गुलाब जल एक त्वचा देखभाल उत्पाद के रूप में काफी प्रसिद्ध है। गुलाब जल भी एक बेहतरीन टोनर है, इसमें मौजूद प्राकृतिक एस्ट्रिंजेंट के कारण यह त्वचा को काफी फायदा पहुंचाता है।

गुलाब के फूल की खेती ( Rose Cultivation )

गुलाब की खेती व्यावसायिक स्तर पर करके काफी लाभ कमाया जा सकता है। गुलाब की खेती बहुत पहले से पूरी दुनिया में की जाती है। इसकी खेती पूरे भारत वर्ष में व्यवसायिक रूप से की जाती है। गुलाब के फूल डाली सहित  तथा पंखुड़ी फ्लावर दोनों तरह के बाजार में व्यापारिक रूप से पाये जाते है। गुलाब की खेती देश व् विदेश निर्यात करने के लिए दोनों ही रूप में बहुत महत्वपूर्ण है। गुलाब को गुलाब जल, गुलाब तेल, गुलकंद आदि के लिए उगाया जाता है।

गुलाब के उपयोगी भाग ( Useful Parts of Rose )

पत्ती

फूल

गुलाब की खेती के लिए मिट्टी और जलवायु ( Soil and Climate for Rose Cultivation )

गुलाब समशीतोष्ण जलवायु का पौधा है। इसके लिए बहुत गर्म जलवायु की आवश्यकता नहीं होती है। यह ठंडी जलवायु में बड़े पैमाने पर उगाया जाता है। इसके लिए 15 डिग्री सेंटीग्रेड से 25 सेंटीग्रेड का तापमान सही है। भारत में इसकी खेती सभी राज्यों में की जा सकती है। इसकी खेती आप साल भर ग्रीनहाउस और पॉली हाउस में कर सकते हैं। गुलाब की खेती सभी प्रकार की मिट्टी में की जा सकती है, बशर्ते मिट्टी उपजाऊ हो और उसमें कार्बनिक पदार्थ की मात्रा अधिक हो। यदि आप इसे बलुई दोमट मिट्टी में करते हैं, तो आपको बहुत लाभ होगा। गुलाब के फूलों की खेती हमेशा जल निकासी वाली भूमि में ही करनी चाहिए। लेकिन ध्यान रहे कि मिट्टी का पीएच मान 6.5 से 7.5 के बीच होना चाहिए। इस पीएच मान की मिट्टी गुलाब के फूलों के लिए अच्छी मानी जाती है।

गुलाब के फूल की उन्नत किस्में ( Improved Varieties of Rose )

हाईब्रिड टीज वर्ग

फ्लोरीबंडा वर्ग

ग्रेन्डीफ्लोरा

पॉलिएन्था

मिनिएचर वर्ग

लता वर्ग ( क्लैंग्बिंग एंड रैंबलिंग रोज )

गुलाब के खेत की तैयारी ( Rose Garden Preparation )

सुंदरता की दृष्टि से औपचारिक लेआउट करके खेत को क्यारियों में बाँट लेते है क्यारियों की लम्बाई चौड़ाई 5 मीटर लम्बी 2 मीटर चौड़ी रखते है। दो क्यारियों के बीच में आधा मीटर स्थान छोड़ना चाहिएI क्यारियों को अप्रैल मई में एक मीटर की गुड़ाई एक मीटर की गहराई तक खोदे और 15 से 20 दिन तक खुला छोड़ देना चाहिए, क्यारियों में 30 सेंटीमीटर तक सूखी पत्तियो को डालकर खोदी गयी मिट्टी से क्यारियों को बंद कर देना चाहिए साथ ही गोबर की सड़ी खाद एक महीने पहले क्यारी में डालना चाहिए, इसके बाद क्यारियों को पानी से भर देना चाहिए साथ ही दीमक के बचाव के लिए फ़ालीडाल पाउडर या कार्बोफ्यूरान 3 जी. का प्रयोग करे। लगभग 10 से 15 दिन बाद ओठ आने पर इन्ही क्यारियों में कतार बनाते हुए पौधे व् लाइन से लाइन की दूरी 30 गुने 60 सेंटीमीटर रखी जाती है। इस दूरी पर पौधे लगाने पर फूलों की डंडी लम्बी व् कटाई करने में आसानी रहती है।

गुलाब के फूल के उत्पादक राज्य ( Rose Producing States )

कर्नाटक, तमिलनाडु, महाराष्ट्र, बिहार, पश्चिम बंगाल ,गुजरात, हरियाणा, पंजाब, जम्मू एवं कश्मीर, मध्य प्रदेश, आंध्र प्रदेश एवं उत्तर प्रदेश राज्यों में अधिक की जाती है।

गुलाब की खेती में लागत और कमाई ( Cost and Earning in Rose Cultivation )

गुलाब की खेती से ये कमाई 10 लाख या उससे अधिक की हो जाती है। आजकल युवाओं के सामने रोजगार का संकट है। वह गुलाब की खेती कर घर बैठे चालीस-पचास हजार रुपए की हर माह कमाई कर सकते हैं। प्रतिदिन 400 से 500 गुलाब आसानी से मिल जाते हैं। 10 हजार वर्ग फुट यानी एक बीघा के पॉलीहाउस में गुलाब का पौधा लगाने से लेकर पॉलीहाउस तैयार करने तक 16 लाख रुपये की लागत आती है। इसकी देखरेख के लिए हर महीने 8 हजार से 10 हजार रुपये खर्च होते हैं। साधारण मंडी में प्रति नग गुलाब की बिक्री 3 रुपये से 5 रुपये होती है। वहीं खुदरा मार्केट में प्रति नग 10 रुपये होती है। अगर 400 रूपए प्रति दिन के उत्पादन को 5 रूपए प्रति नग के हिसाब से मंडी में बेचे तो रोजाना 2000 हजार रुपए की कमाई होती है यानी महीने के 30 दिन में 60 हजार रूपए की कमाई। अगर अधिक कमाई खुदरा मार्केट में बेचने से आपको होगी, जो 1 लाख 20 हजार से लेकर 1 लाख 50 हजार तक आसानी से हो सकती है।

आप शबला सेवा की मदद कैसे ले सकते हैं? ( How Can You Take Help of Shabla Seva? )

  1. आप हमारी विशेषज्ञ टीम से खेती के बारे में सभी प्रकार की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
  2. हमारे संस्थान के माध्यम से आप बोने के लिए उन्नत किस्म के बीज प्राप्त कर सकते हैं।
  3. आप हमसे टेलीफोन या सोशल मीडिया के माध्यम से भी जानकारी और सुझाव ले सकते हैं।
  4. फसल को कब और कितनी मात्रा में खाद, पानी देना चाहिए, इसकी भी जानकारी ले सकते हैं।
  5. बुवाई से लेकर कटाई तक, किसी भी प्रकार की समस्या उत्पन्न होने पर आप हमारी मदद ले सकते हैं।
  6. फसल कटने के बाद आप फसल को बाजार में बेचने में भी हमारी मदद ले सकते हैं।

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